Sunday, February 16, 2020

दिल्ली पुल प्रह्लादपुर एनकाउंटर: 5 घंटे में दिल्ली से गाजियाबाद तक दहशत, जानें 'जुर्म के राजा' की कहानी

12 फरवरी को सिर्फ 5 घंटे में लोनी से दिल्ली तक दहशत मचाने वाले दो बदमाशों को आखिरकार पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने सोमवार तड़के एक एनकाउंटर में दो बदमाशों को ढेर कर दिया। पुलिस को पुल प्रह्लादपुर में इन बदमाशों के मूवमेंट की खबर मिली थी जिसके बाद इनकी घेराबंदी की गई। एनकाउंट में बदमाशों को गोली लगी, इसके बाद हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा पुलिसकर्मी को भी गोली लगी है और उनका इलाज चल रहा है। इन बदमाशों पर कई मर्डर और जानलेवा हमले के केस दर्ज हैं।
12 फरवरी को एक दिन में ही इस गैंग ने एक मर्डर और तीन जानलेवा हमले समेत 4 वारदातों को अंजाम दिया था। इसलिए नॉर्थ ईस्ट जिला पुलिस, क्राइम ब्रांच और यूपी पुलिस गैंग की तलाश में जुटे थे। मारे गए बदमाशों में से एक रफीक कुरैशी उर्फ राजा पहलवान पर 50 हजार रुपये का इनाम था। यह लोनी के विकास कुंज का रहने वाला था। दूसरे मारे गए बदमाश का नाम रमेश बहादुर है।
एक आला अफसर ने बताया कि कारोबारियों को लूटना और सट्टेबाजी समेत गैरकानूनी धंधों में लिप्त लोगों से रंगदारी वसूलना इस गैंग का टारगेट रहता था। लोनी और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पहले ही कई गैंग हैं, जो इन कामों को अंजाम दे रहे हैं। राजा गैंग रौब जमाने के लिए जानलेवा हमला और मर्डर करने से भी नहीं हिचकता। इसी तरह लूट की वारदात को यह गिरोह अंजाम देता है। फिलहाल यह गैंग लोनी से दिल्ली के करावल नगर, खजूरी खास, सोनिया विहार, दयालपुर और गोकुलपुरी इलाके में सक्रिय था। राजा ने 12 ‌फरवरी 2020 को शाम 8:30 बजे से रात 2:00 बजे तक चार वारदात को अंजाम दिया। करावल नगर में पता पूछने पर हुई बहस में प्रॉपर्टी डीलर और उसके पास सादी वर्दी में बैठे दो पुलिसवालों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। लोनी के आर्य नगर में 15 राउंड गोलियां बरसाईं। फिर लोनी में अपने साथी सलमान को आधा दर्जन गोली मार ढेर किया। रात करीब 2 बजे वापस सलमान के घर के बाहर दो राउंड फायर दहशत फैला गया।
जुर्म के 'राजा' की फेहरिस्त
फरवरी 2015 : लोनी नगर पालिका ठेकेदार कमल प्रधान की गोली मार हत्या
सितंबर 2019 : लोनी के प्रेम नगर में सट्टेबाज नफीस कुरैशी का किया कत्ल
अक्टूबर 2019 : करावल नगर में राजबहादुर को गोद लेने वाले किशोर लंगड़े को मारा
दिसंबर 2019 : करावल नगर में शिव विहार में सट्टेबाज जावेद फायटर को मारा
दिसंबर 2019 : दयालपुर में एक कारोबारी पर फायरिंग कर लूट को दिया अंजाम
जनवरी 2020 : खजूरी में परचून दुकानदार को गोली मार 1.80 लाख की लूट
फरवरी 2020 : करावल नगर में एक दुकानदार पर फायर झोंककर की लूटपाट
12 फरवरी 2020 : करावल नगर में डीलर, दो पुलिसवालों पर जानलेवा हमला
12 फरवरी 2020 : लोनी 2 नंबर पर करीब 15 राउंड फायरिंग कर फैलाई दहशत
12 फरवरी 2020 : लोनी के डाबर तालाब कॉलोनी में साथी सलमान किया ढेर
12 फरवरी 2020 : सलमान के घर के बाहर रात 2 बजे दोबारा कर दी फायरिंग

आखिर मुफलिसी की गलियों में गुम हुए ये दिग्गज बिजनसमैन

कारोबार जगत में आपने फर्श से अर्श तक पहुंचने वालों की कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें अर्श से फर्श तक पहुंचने को मजबूर होना पड़ा है। ऐसे कारोबारियों की फेहरिश्त काफी लंबी है, जो कभी अरबों डॉलर के मालिक हुआ करते थे, लेकिन आज की तारीख में न सिर्फ तंगी बल्कि कुछ तो जेल की सलाखों में जीवन काट रहे हैं, कुछ जेल के डर से भागे फिर रहे हैं तो कुछ ने सुइसाइड तक कर लिया। कुछ ऐसे ही कारोबारियों की जिंदगी पर हम एक नजर डालने जा रहे हैं।


अनिल अंबानी (रिलायंस टेलिकॉम) : अनिल अंबानी का नाम कभी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में आता था, लेकिन आज हालत यह है कि उन्हें कोर्ट में चीख-चीखकर बताना पड़ रहा है कि वह अब अमीर नहीं, बल्कि 'कंगाल' हो गए हैं। अपने ही भाई की कंपनी जियो के कारण बर्बाद होने वाले अनिल अंबानी पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और एक बार उन्हें जेल जाने से उनके बड़े भाई और एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी बचा भी चुके हैं। लंदन के एक कोर्ट में उनके वकील ने एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि अनिल अंबानी कभी अमीर थे, लेकिन अब नहीं है।

विजय माल्या (किंगफिशर एयरलाइंस): शराब से लेकर हवाई जहाज उड़ाने का बिजनस करने वाले विजय माल्या को कौन नहीं जानता। इनकी रईसी के किस्से पूरी दुनिया जानती है। कभी हजारों करोड़ में खेलने वाला यह कारोबारी कर्ज न चुकाने को लेकर जेल जाने के डर से भारत छोड़कर लंदन भाग गया है। भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण का मुकदमा लड़ रही है।

वीजी सिद्धार्थ (सीसीडी): मशहूर कैफे चेन कैफ कॉफी डे (CCD) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने पिछले साल भारी कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली थी। पिछले दो सालों से सीसीडी को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। साथ ही कंपनी ने अपने कई प्रमुख स्टोर बंद भी कर दिए थे और इन सब बातों ने सिद्धार्थ को काफी परेशान किया था। इस मामले में सिद्धार्थ द्वारा लिखा गया एक पत्र सामने आया था, इस लेटर में सिद्धार्थ ने वित्तीय संकट की बात कही थी। चिट्ठी में सिद्धार्थ ने कर्मचारियों और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था कि सभी वित्तीय लेनदेन मेरी जिम्मेदारी है। कानून को मुझे और केवल मुझे जवाबदेह रखना चाहिए। आज उनकी कंपनी भारी कर्ज के बीच दोराहे पर खड़ा है।

सुब्रत रॉय (सहारा इंडिया): सुब्रत रॉय कामयाबी के पीक से जेल तक का सफर तय करना पड़ा। एक समय ऐसा था कि रॉय को उनका व्यापार शुरू करने के लिए एसबीआई बैंक ने पांच हजार रुपए का लोन देने से मना कर दिया था, लेकिन उन्होंने एक मित्र के साथ छोटी सी चिट फंड कंपनी शुरू की। इसके बाद उनकी सफलता की कहानी शुरू हो गई। ये सफर नवंबर 2013 में आकर थम गया, जब सेबी ने निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने पर सहारा समूह के बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया। एक समय में सहारा ग्रुप डेढ़ लाख करोड़ का था, जिसमें 12 लाख कर्मचारी और कार्यकर्ता थे।

रमेश चंद्रा (यूनिटेक): रमेश चंद्रा की रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक कभी देश की सबसे बड़ी रियल्टर हुआ करती थी। जब कंपनी पीक पर थी, तब उनकी संपत्ति 70,000 करोड़ रुपये की थी। लेकिन साल 2001 में उनकी टेलिकॉम कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंस गई, जिसमें उनके बेटे संजय चंद्रा को जेल जाना पड़ा। भारी-भरकम कर्ज और कर्ज चुकाने के लिए संपत्तियों की बिक्री से रमेश चंद्रा कभी नहीं उबर पाए।

बी. रामलिंगा राजू (सत्यम कंप्यूटर्स): चर्चित सॉफ्टवेयर कंपनी सत्यम कंप्यूटर सर्विस लिमिटेड की स्थापना बी. रामालिंगा राजू ने अपने साले डीवीएस राजू के साथ मिलकर 1987 में थी। सत्यम दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में स्थापित होने वाली पहली कंपनी थी। अपनी स्थापना के कुछ समय बाद ही सत्यम सॉफ्टवेयर क्षेत्र की देश की चार बड़ी कंपनियों में से एक बन गई। इसने 60 हजार लोगों को रोजगार दिया। लेकिन, फिर इसके गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। कंपनी की नींव रखने वाले बी रामालिंगा राजू अर्श से फर्श पर पहुंच गए। कंपनी को टेक महिंद्रा ने टेकओवर कर लिया।

सिंह बंधु (फोर्टिस ग्रुप): साल 2001 में सिंह बंधुओं के पास सिर्फ एक हॉस्पिटल था, वहीं महज 10 साल में यह आंकड़ा 66 तक पहुंच गया। तरक्की की जबरदस्त गति के बावजूद सिंह बंधु ऐसी गलतियां कर बैठे, जिसने उन्हें जेल के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया। दोनों भाइयों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह को फर्जीवाड़े के आरोप में जेल की हवा खानी पड़ रही है। फोर्टिस ग्रुप बिक चुका है। दोनों भाई सार्वजनिक तौर पर कई बार एक दूसरे से भिड़ चुके हैं और एक दूसरे को धोखा देने का आरोप लगा चुके हैं।

जय प्रकाश गौड़ (जेपी ग्रुप): जेपी ग्रुप के संस्‍थापक जय प्रकाश गौड़ ने एक सिविल इंजिनियर के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी और देखते ही देखते देश ही नहीं, विदेशों में भी अरबों रुपए का बिजनस खड़ा कर दिया। 2008 में इस समूह की स्टॉक बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर छलांग मार रहे थे। परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समूह ने काफी कर्ज बाजार से उठाया। इस समूह ने देश का पहला फार्मूला वन ट्रैक बनाया, जिससे इस समूह का नाम घर-घर पहुंच गया। पर यह ट्रैक समूह के लिए आर्थिक बोझ बन गया। इन परियोजनाओं से समूह को वह लाभ नहीं मिला, जिसकी उम्मीद जेपी समूह और उनके निवेशकों को थी। नतीजतन समूह पर कर्ज भार बढ़ता ही गया। इन कर्जों को पटाने के लिए यह समूह पिछले 4-5 सालों में अपनी कई मूल्यवान परिसंपत्तियां बेच चुका है। इनमें कई हाइड्रो- पॉवर परियोजनाएं और सीमेंट प्लांट शामिल हैं, पर इसके बाद भी आज समूह पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। अब समूह की एक कंपनी जेपी इंफ्रा को दिवालिया घोषित किया जा चुका है। यह कंपनी जेपी विश टाउन बना रही है, जिसमें फ्लैट खरीदने वाले 32 हजार निवेशकों का गाढ़े पसीने की कमाई अटक गई है।

दो महीने से शाहीन बाग़ पर नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

दो महीने से दिल्ली के शाहीन बाग़ पर नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी है. जिसके बाद गृह मंत्री के न्योते पर आज प्रदर्शनकारी गृह मंत्री अमित शाह से मिलने जा रहे हैं. दो दिन एक टीवी कार्यक्रम पर गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों बातचीत करने का न्योता दिया था. जिसके बाद ये प्रदर्शनकारी बातचीत को तैयार हो गए. ये प्रदर्शनकारी गृह मंत्री शाह के घर मार्च निकालते हुए जा रहे हैं. हालांकि इनके मार्च को दिल्ली पुलिस की इजाज़त नहीं मिली है. प्रदर्शनकारियों के मार्च के मद्देनज़र सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा. इन्होंने गृह मंत्री से कोई एप्वाइंटमेंट नहीं लिया है. न ही कोई छोटा डेलिगेशन बनाया है. अगर ये डेलीगेशन बनाकर आते तो संभव है हम इनकी मदद कर पाते.

Wednesday, February 12, 2020

सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिक पार्टियों को निर्देश, उम्मीदवारों का क्रिमिनल रेकॉर्ड जनता से साझा करें

राजनीति को अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम आदेश देते हुए राजनीतिक दलों से कहा कि वह चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों का क्रिमिनल रेकॉर्ड को जनता के सामने रखे। कोर्ट ने कहा कि वह प्रत्याशियों के आपराधिक रेकॉर्ड को साइट पर अपलोड करे। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने साथ ही आगाह किया है कि इस आदेश का पालन नहीं किया गया, तो अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।


बीजेपी नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने प्रत्याशियों के आपराधिक रेकॉर्ड को अखबारों, बेवसाइट्स और सोशल साइट्स पर प्रकाशित करें। जस्टिस आरएफ नरीमन और एस रविंद्र भट की बेंच ने कहा कि राजनीतिक दलों को यह बताना होगा कि उन्होंने एक साफ छवि के उम्मीदवार की बजाय आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को क्यों टिकट दिया। कोर्ट ने 'जिताऊ उम्मीदवार' के तर्क को खारिज किया है। इस के साथ ही पार्टियों से सवाल किया कि आखिर उनकी ऐसी क्या मजबूरी है कि वह आपराधिक पृष्ठभूमि के प्रत्याशियों को टिकट देती हैं। सियासी दलों को ऐसे उम्मीदवार को चुनने के 72 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी जिसके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं उनके बारे में अगर राजनीतिक दल कोर्ट की व्यवस्था का पालन करने में असफल रहते हैं तो चुनाव आयोग इसे शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाएगा। अश्विनी उपाध्याय ने दागी नेताओं को टिकट दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर करते हुए कहा कि राजनीति से अपराधियों को हटाने के लिए पिछले छह महीने में सरकार या चुनाव आयोग ने कोई गंभीर प्रयास नहीं किया है।

तेजी से बढ़ा राजनीति में आपराधिकरण : राजनीति में बढ़ते आपराधिकरण पर चिंता जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीते चार आम चुनाव से राजनीति में आपराधिकरण तेजी से बढ़ा है। इससे पहले पोल पैनल ने कोर्ट को बताया था कि 2004 में 24% सांसदों की पृष्ठभूमि आपराधिक थी, लेकिन 2009 में ऐसे सांसदों की संख्या बढ़कर 30 पर्सेंट और 2014 में 34 पर्सेंट हो गई। चुनाव आयोग के मुताबिक, मौजूदा लोकसभा में 43 पर्सेंट सांसदों के खिलाफ गंभार अपराध के मामले लंबित हैं।

Tuesday, February 11, 2020

AAP की जीत पर झूमा शाहीन बाग, खुशी में बंटी बिरयानी

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की शानदार जीत पर मंगलवार को सीएए विरोधी प्रदर्शनों के केंद्र शाहीन बाग में जश्न मनाया गया। इस दौरान कई लोगों ने पार्टी की जीत को लेकर मुफ्त में भोजन और बिरयानी बांटी। शाहीन बाग वाली ओखला सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान ने जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी ब्रह्म सिंह को 28,501 वोटों के अंतर से हरा दिया है!  शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ दो महीने से महिलाएं और युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहीन बाग में रहने वाली शमीमा बानो ने कहा, 'यह हम सभी की जीत है। हम सभी ने अमानत भाई (अमानतुल्ला खान) को अपना नेता चुना है। उन्होंने इस क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं की हर तरह से मदद की है। उन्होंने इस इलाके के कई युवाओं को रोजगार दिलाया है।'
आम आदमी पार्टी की जीत से प्रदर्शनकारी महिलाएं खुशी से झूम उठीं और एक दूसरे को लगे लगा लिया। प्रदर्शन स्थल पर महजबीन कुरैशी ने कहा, 'आप सच में आम आदमी के लिए विकास लेकर आई है। मेरे बच्चे नजदीकी सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। हम सभी इलाज के लिये आम आदमी पार्टी सरकार के मोहल्ला क्लीनिक में जाते हैं। मेरी सास का बीते चार साल से घुटनों का इलाज चल रहा है।' इसके अलावा बटला हाउस, नूर नगर, अबुल फजल एंक्लेव, जाकिर नगर और उससे लगे इलाकों में भी आम आदमी पार्टी के शानदार प्रदर्शन से खुशी की लहर दौड़ गई। कपड़ा कारोबारी आसिम खान ने कहा, 'हमने बीते पांच साल में जामिया नगर को बदलते देखा है। हमने आम आदमी पार्टी की ईमानदारी और पारदर्शी नीतियों को वोट दिया। जामिया ही नहीं बल्कि पूरी दिल्ली ने असली विकास को वोट दिया, जोकि अरविंद केजरीवाल हैं।'

दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम विजयी अरविंद केजरीवाल

आज देश की राजधानी दिल्ली ने विकास के नाम पर वोट देकर अरविंद केजरीवाल को विजयी ताज पहना दिया, मैं उन्हें व उनकी पूरी टीम को बधाई देता हु, देखा जाय तो अरविंद का अर्थ ही सूरज होता है। सचमुच देश में नयी राजनीति के सूरज का उदय हो चुका है जिसके आगे झूठ के अंधकार का अंत हो रहा है। राजनीति में बड़े बदलाव का इशारा है। यकीन मानो पुराने तिलिस्मी किले जर्जर हो चुके हैं जो शीघ्र ही धराशायी होने वाले हैं। इस के साथ ही आधी आबादी भी अपने हक के लिए लामबंद हो रही है। अभी समाज को और बड़ी परीक्षाओं से गुजरना है।धैर्य का साथ न छूटने पाए। सोना तपकर और निखर रहा है, सचमुच देश बदल रहा है। CR@वलीसैफी

Monday, February 10, 2020

मालवीय नगर सीट पर किसे मिलेगी जीत या किसे मिलेगी हार

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए 8 फरवरी को मतदान हुआ। अब इसके बाद 11 फरवरी को मतगणना होगी। दिल्ली की मालवीय नगर सीट पर आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती एक बार फिर से चुनाव लड़े। उन्होंने 2015 के चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार शैलेंद्र सिंह मोंटी को टिकट दिया। वहीं कांग्रेस की तरफ से नीतू वर्मा चुनाव लड़ीं। 
मालवीय नगर सीट पर 2015 के चुनाव में सोमनाथ भारती ने जीत हासिल की थी। उन्हें 51196 वोट मिले थे। जबकि भाजपा की उम्मीद नंदनी शर्मा को 35299 वोट मिले थे। इस हार के बाद भाजपा ने 2020 के चुनाव में शैलेंद्र सिंह मोंटी पर दांव लगाते हुए, उन्हें टिकट दिया। हालांक यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार किसे जीत हासिल होती है। बता दें कि 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटें जीतकर इतिहास रचा था, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ तीन सीटें हासिल की थीं तो कांग्रेस के खाते में कोई सीट नहीं आई थी. सात फरवरी को एक ही चरण में सभी 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई थी। वोटिंग के तीन दिन बाद यानी 10 फरवरी को नतीजे आए थे।

हौजरानी प्रेस एन्क्लेव में बन सकता है फ्लाईओवर: 50 हजार से ज्यादा लोगों को जाम से मिलेगा छुटकारा

दिल्ली वालों को बड़ी राहत मिलने वाली है। साकेत मैक्स अस्पताल के बाहर पंडित त्रिलोक चंद शर्मा मार्ग पर लगने वाले जाम से जल्द मुक्ति मिलेगी। प...