Sunday, April 5, 2020

आपकी जेब पर कितना बोझ डाल सकता है कोरोनावायरस का इलाज

कोरोनावायरस पुरी दुनिया के लिए एक ऐसी हेल्थ इमर्जेंसी के रूप में आया है कि इन्सान की जान के साथ-साथ पर जेब पर असर डाल रहा है। इकॉनमीज खस्ताहाल होती जा रही हैं और जो इस महामारी से संक्रमित हो चुका है उसकी तो इलाज में आर्थिक रूप से कमर टूट जा रही है। कोरोनावायरस की चपेट में आने वालों में बहुत कम लोगों की मौत होती है। सही समय पर इलाज उन्हें बचा सकता है, लेकिन इसका इलाज सस्ता नहीं। आइए जानें स्वास्स्थ्य को पस्त करने वाले और खर्च से कमर तोड़ने वाले इस वायरस के मरीज के इलाज पर कितना खर्च आ सकता है। कोरोनावायरस दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है। प्राइवेट हों या सरकारी अस्पताल, संक्रमितों का इलाज करने में सबने दिन-रात एक कर दिए हैं। चूंकि सरकारी अस्पताल कोरोना मरीजों और संदिग्धों से भरे पड़े हैं, प्राइवेट में इसका खर्च समझना बहुत जरूरी है। सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों को कोरोनावायरस के इलाज को लेकर गाइडलाइन्स जारी की थीं। इसमें खर्च को लेकर कोई बाध्यता नहीं थी। सुपर स्पेशैलिटी अस्पताल में भर्ती होने पर जाहिर है खर्च बहुत ज्यादा होगा। जनरल वॉर्ड का खर्च 11 हजार रुपये और ICU के लिए 50 हजार रुपये हो सकता है। सरकारी अस्पताोलं के मुकाबले सुपर स्पेशैलिटी अस्पताल काफी महंगे हैं। वहीं, मेडिकल वार्डों को आइसोलेशन वार्डों में तब्दील करने की वजह से कॉस्ट और बढ़ गई है। साथ ही पीपीई किटस की कॉस्ट भी इसमें जुड़ गई है। कोविड-19 मरीज को ठीक होने में करीब 15 दिनों का वक्त लगता है। ऐसे में एक-एक दिन करके इलाज की लागत बढ़ती है और करीब 750000 रुपये तक का खर्च बैठता है। जनरल वॉर्ड की बात करें को खर्च करीब 165000 तक होता है। इस कॉस्ट में अगर वेंटिलेटर का खर्च जोड़ लिया जाए तो खर्च और बढ़ जाएगा।  कोरोनावारस का इलाज फिलहाल इतना महंगा है कि आम आदमी की कमर तोड़ दे, उसक सारी सेविंग्स एक झटके में खत्म हो सकती हैं। सिर्फ अस्पताल में भर्ती रहने का खर्च ही काफी ज्यादा है। इकॉनमी पहले ही Coronavirus के कारण खस्ताहाल हो चुका है। ऐसे में यह जरूरी है कि सरकार जनता के लिए सामाजिक सुरक्षा के लिए इंतजाम करे। Report@NBT




कोरोना वायरस: जानें, कौन हैं वो 4 अधिकारी जो देश को हर दिन महामारी के बारे में दे रहे हैं अपडेट

देश की राजधानी में 4 अधिकारी हर रोज एक साथ बैठकर पूरे देश को कोरोना वायरस महामारी से जुड़ी हर जानकारी और आंकड़े देते हैं। ये अधिकारी हैं- स्वास्थ्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल, गृह मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी पुण्य सलीला श्रीवास्तव, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी के डायरेक्टर जनरल के. एस. धतवालिया और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) डॉक्टर रमन आर. गांगाखेड़कर। आइए एक नजर डालते हैं इन अधिकारियों की प्रोफाइल पर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल 1996 बैच के आंध्र प्रदेश काडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें एक तेजतर्रार अधिकारी माना जाता है। वह मूल रूप से यूपी के रहने वाले हैं। 2016 में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी का पदभार संभाला। उससे पहले वह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में स्वास्थ्य मंत्रालय समेत कई अहम जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। वह आईआईटी दिल्ली से बीटेक किए हुए हैं।
पुण्य सलीला श्रीवास्तव, जॉइंट सेक्रटरी, यूनियन होम मिनिस्ट्री: पुण्य सलीला श्रीवास्तव भी आईएएस अधिकारी हैं और फिलहाल केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (नारी सुरक्षा) के पद पर तैनात हैं। श्रीवास्तव की गिनती देश के तेजतर्रार महिला अधिकारियों में होती है। यही वजह है कि मई 2018 में जब पहली बार गृह मंत्रालय में नारी सुरक्षा का अलग से विभाग बनाया गया तो इसकी जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्हें चुना गया। श्रीवास्तव 1993 बैच की AGMUT काडर की आईएएस अधिकारी हैं। AGMUT काडर यानी अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम ऐंड यूनियर टेरिटरीज काडर। वह दिल्ली, गोवा और दमन एवं दीव में भी काम कर चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय में नियुक्ति से पहले वह दिल्ली में एजुकेशन ऐंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट में सेक्रटरी के तौर पर काम कर रही थीं। उस दौरान उन्होंने दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम किया। पुण्य सलीला श्रीवास्तव यूपी के प्रयागराज की रहने वाली हैं। वह दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से फीजिक्स में बीएससी और एमएससी हैं।
के. एस. धतवलिया, प्रधान महानिदेशक, पीआईबी: कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से डेली प्रेस ब्रीफिंग में के. एस. धतवलिया भी नजर आते हैं। वह प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन के भी डायरेक्टर जनरल हैं। पिछले साल अक्टूबर में वह पीआईबी के 28वें डीजी यानी सरकार के प्रधान प्रवक्ता बने। धतवलिया भारतीय सूचना सेवा यानी इंडियन इन्फॉर्मेशन सर्विस (IIS) के 1884 बैच के अफसर हैं। वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में प्रधान महानिदेशक (अनुसंधान और प्रशिक्षण), गृह मंत्रालय में महानिदेशक (मीडिया और संचार) के पद को भी संभाल चुके हैं।
डॉक्टर रमन आर. गांगाखेड़कर, आईसीएमआर: डॉक्टर रमन आर. गांगाखेड़कर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) में महामारी और संक्रामक बीमारियों के विभाग के प्रमुख हैं। उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में कई अहम रिसर्च किए हैं। वह नैशनल एड्स रिसर्च इंस्टिट्यूट (NARI) पुणे के असिस्टेंट डायरेक्टर भी रह चुके हैं। उन्होंने 1981 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, औरंगाबाद से मेडिसिन में एमबीबीएस किया था। इसके बाद उन्होंने उसी संस्थान ने 1983 में पेडियाट्रिक्स में डीसीएच यानी डिप्लोमा इन चाइल्ड हेत्थ का कोर्स किया। 1996 में उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी से एमपीएच यानी मास्रट ऑफ पब्लिक हेल्थ की डिग्री हासिल की। Report@NBT


Saturday, April 4, 2020

गीत -- एक दीप राष्ट्र के नाम

कोरोना से मत घबराओ , घर के द्वारे दीप जलाओ ।
तम से जगत बचा लेगा ये ,सारे कष्ट उठा लेगा ये ।।

सूरज के आने तक पूरी ,रात निभायेगा यह वादा ।
लड़ते लड़ते अंधियारे से ,बेसक रह जाएगा आधा ।
चाहे पथ में आंधी आये , चाहे मेघ नीर बरसाये ,
अपना सारा तेल जलाकर , खुशियों से नहला देगा ये ।।
कोरोना से मत घबराओ ,घर के द्वारे दीप जलाओ ,
तम से जगत बचा लेगा ये , सारे कष्ट उठा लेगा ये ।।1

इसके कुछ भाई सरहद पर ,प्रहरी बनकर खड़े हुए हैं ।
दूजे भाई बने चिकित्सक , कोरोना से भिड़े हुए हैं ।
घोर तिमिर को छल देगा ये , आने वाला कल देगा ये ,
मसल मसल अपनी बाती को ,पूरी रात चला लेगा ये ।।
कोरोना से मत घबराओ ,घर के द्वारे दीप जलाओ ,
तम से जगत बचा लेगा ये ,सारे कष्ट उठा लेगा ये ।।2

जग को अपना राग सुनाकर ,तमसोमाज्योतिर्मय गाकर ।
प्रातः प्रभात हमें दिखलाकर, जग में भाई चारा लाकर ।
इसकी लौ से मिले सहारा  ,सूरज का बेटा यह प्यारा ,
बैठ चिता की छाती पर भी , नई रोशनी ला देगा ये  ।।
कोरोना से मत घबराओ ,घर के द्वारे दीप जलाओ  ,
तम से जगत बचा लेगा ये , सारे कष्ट उठा लेगा ये ।।3

आओ गीत दीप के गायें ,नापेगा यह दसों दिशायें ।
हलधर " हारेगा कोरोना , पास न आयें बुरी बलायें ।
अपनी राह नहीं छोड़ेगा , पीछे कदम नहीं मोड़ेगा ,
रोग व्याधि को खा लेगा ये ,उजियारा फैला देगा ये ।।
कोरोना से मत घबराओ ,घर के द्वारे दीप जलाओ ,
तम से जगत बचा लेगा ये , सारे कष्ट उठा लेगा ये ।।4

             हलधर -9897346173

प्रदेशवासियों के लाईट के बिल माफ करे जांए

लॉक डाऊन की वजह से काम बन्द है, लौग घरों में बन्द है, घरो का बजट बिगड गया है लोगो के पास खाने को पैसे नही है। लिहाज़ा जनता के हित में ये काम करें की सभी का इन दो महीनों का बिजली बिल माफ़ कर दिया जाऐ। समाज सेवी व अमरोहा के यूवा कवि मेहरबान सैफी कहते है कि उत्तर प्रदेश सरकार से हमारी मांग है कि इन दो महीनो के सभी के बिजली बिल माफ़ किये जाऐं।प्रदेश वासियों को राहत मिल सके!

एयरलाइन और रेलवे चरणबद्ध तरीके से सेवाएं शुरू करने को तैयार संचालन सरकार के फैसले पर निर्भर, एयरलाइनों ने शुरू की बुकिंग

कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए लागू 21 दिन के लॉकडाउन की अवधि पूरी होने के बाद एयरलाइन कंपनियों और रेलवे ने अपनी सेवाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी हैं। एयरलाइनों ने जहां टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है वहीं रेलवे ने यात्री ट्रेनें बहाल करने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। हालांकि उनका संचालन सरकार के फैसले पर ही निर्भर करेगा।
रेलवे ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया कि यात्री ट्रेनें बहाल करने पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन उसके सभी जोनों ने उनके संचालन की योजना बनानी शुरू कर दी हैं। रेलवे ने यह बयान रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व अन्य अधिकारियों के बीच शुक्रवार को हुई वीडियो कांफ्रेंस के मद्देनजर जारी किया है। बैठक में फैसला किया गया कि यात्री ट्रेन सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बहाल की जाएंगी। एक अधिकारी ने बताया, ‘रेलवे बोर्ड से हर ट्रेन के बारे में विशिष्ट मंजूरी मिलने के बाद ही ट्रेन सेवाओं को बहाल किया जाएगा।’ रैकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए रेलवे के सभी 17 जोन और डिवीजन ट्रेनों की पहचान करने और 15 अप्रैल से उनकी सेवाएं बहाल करने की योजना बना रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उत्तर रेलवे की फिरोजपुर डिवीजन ने अमृतसर, जम्मू तवी, श्री वैष्णो देवी कटरा और फिरोजपुर रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध रैकों की उपलब्धता के आधार पर 23 ट्रेनों को बहाल करने की योजना बनाई है। इसी तरह, दिल्ली डिवीजन ने 200 ट्रेनों को बहाल करने की योजना बनाई है। सूत्रों ने बताया कि ट्रेन सेवा बहाल होने पर सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और सरकार द्वारा सुझाए गए सभी प्रोटोकॉल पर अमल किया जाएगा।
इस बीच, एयर एशिया ने कहा है कि 15 अप्रैल से उसकी उड़ानों की बुकिंग खुली हुई है, लेकिन अगर विमानन नियामक डीजीसीए ने नए दिशानिर्देश जारी किए तो इसमें किसी भी तरह का बदलाव किया जा सकता है। कई अन्य एयरलाइनों ने भी 15 अप्रैल और उसके बाद की उड़ानों की बुकिंग करनी शुरू कर दी हैं। इंडिगो, स्पाइस जेट और गोएयर ने कहा है कि उन्होंने 15 अप्रैल और उसके बाद की घरेलू उड़ानों की बुकिंग प्रारंभ कर दी है। वहीं, स्पाइस जेट और गोएयर ने एक मई और उसके बाद की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग प्रारंभ कर दी है। मालूम हो कि नागरिक विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा था कि एयरलाइनें 14 अप्रैल के बाद की टिकट बुकिंग करने के लिए स्वतंत्र हैं।
भारत में फंसे विदेशियों को उनके देशों तक पहुंचाने और चीन में शंघाई से महत्वपूर्ण मेडिकल कार्गो लाने के लिए संचालित चार्टर्ड फ्लाइटों के लिए एयर इंडिया ने सभी उपलब्ध संसाधनों को सक्रिय कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान भारत में फंस गए जर्मन, फ्रेंच, आयरिश और कनाडाई नागरिकों को स्वदेश पहुंचाने के लिए एयर इंडिया की योजना 18 चार्टर्ड फ्लाइटों के संचालन की है। एयर इंडिया के मुताबिक, इस दौरान डीजीसीए की ओर से तय सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन किया जा रहा है।

Friday, April 3, 2020

14 तारीख तक है लॉकडाउन, एयर इंडिया ने बंद की 30 अप्रैल तक की बुकिंग

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने शुक्रवार को कहा कि उसने 30 अप्रैल तक टिकट की बुकिंग बंद कर दी है. कंपनी ने कहा कि वह 14 अप्रैल को लॉकडाउन (Lockdown in India) की समाप्त हो रही अवधि के बाद निर्देश का इंतजार कर रही है. कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि अब बुकिंग शुक्रवार से 30 अप्रैल तक बंद कर दी गई है. उसने कहा, ‘‘हम 14 अप्रैल के बाद के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं.'' हालांकि नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बृहस्पतिवार को कहा था कि विमानन कंपनियां 14 अप्रैल के बाद की तारीख के लिए टिकट बुकिंग शुरू करने के लिये स्वतंत्र हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोकथाम के लिए 25 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है. लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त होने वाला है. इसके मद्देनजर 14 अप्रैल तक घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित हैं. बताते चलें कि दुनिया के साथ-साथ भारत में भी कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. 180 से ज्यादा देशों में फैल चुका यह वायरस अब तक 45,000 से ज्यादा जानें ले चुका है. दुनियाभर में करीब 10 लाख लोग इससे संक्रमित हुए हैं. भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 2547 हो गई है. बीते 24 घंटों में कोरोना के 478 नए मामले सामने आए हैं. देश में अभी तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि 157 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. देश के सभी राज्यों से इसके मरीज सामने आ रहे हैं. (इनपुट भाषा से भी)


Wednesday, April 1, 2020

देश में तब्लीगियों पर शिकंजा, राज्यों के डीजीपी और मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिव ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग

दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज से तब्लीगी जमात के लोगों को निकालने के बाद केंद्र सरकार ने यहां से विभिन्न राज्यों में गए उनके नुमाइंदों की तलाश तेज कर दी है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों (डीजीपी) और मुख्य सचिवों को इसे जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। तब्लीगी जमात के कारण पिछले 24 घंटे में कोरोना से ग्रसित 376 नए मरीज सामने आए हैं। वैसे स्वास्थ्य मंत्रलय ने साफ किया है कि नए मरीजों की संख्या में तेज बढ़ोतरी सिर्फ तब्लीगी जमात के कारण है और यह राष्ट्रीय ट्रेंड को नहीं दर्शाता है। वहीं, सरकारी सूत्रों ने बताया कि तब्लीगी जमात में शामिल विदेशियों को वीजा नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। विदेश मंत्रलय ने संबंधित देशों में अपने दूतावासों को इस बारे में जानकारी भी दे दी है। बुधवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक में कैबिनेट सचिव ने कई तब्लीगियों के विदेशी होने और पर्यटक वीजा पर आने के बावजूद धर्म प्रचार में लगने का हवाला देते हुए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
तब्लीगी जमात के लोगों की आपराधिक लापरवाही के कारण कोरोना के केस की संख्या तेजी से बढ़ने का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्रलय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि उनके संपर्क में आने के कारण दिल्ली से 18, जम्मू-कश्मीर में 23, तेलंगाना में 20, आंध्र प्रदेश से 43, अंडमान-निकोबार से नौ, तमिलनाडु से 110 और पुडुचेरी से दो नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कई अन्य जगहों पर अतिरिक्त सैंपल की टेस्टिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि तब्लीगी जमात के कारण फैले कोरोना को छोड़ दें, तो पूरे देश में स्थिति नियंत्रण में है।

हौजरानी प्रेस एन्क्लेव में बन सकता है फ्लाईओवर: 50 हजार से ज्यादा लोगों को जाम से मिलेगा छुटकारा

दिल्ली वालों को बड़ी राहत मिलने वाली है। साकेत मैक्स अस्पताल के बाहर पंडित त्रिलोक चंद शर्मा मार्ग पर लगने वाले जाम से जल्द मुक्ति मिलेगी। प...