Monday, July 1, 2019

दिल्‍ली में 30 दिन में 16 मर्डर, हाई कोर्ट कल करेगा जनहित याचिका पर सुनवाई

mtmediadelhi.blogspot.com : देश की राजधानी दिल्ली में पिछले तीस दिनों में 16 मर्डर पर दिल्‍ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में केंद्र सरकार को दिल्‍ली पुलिस को सुरक्षा के उपाय के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें दिल्‍ली पुलिस का अपग्रेडेशन और अतिरिक्‍त पुलि‍स बलों की बहाली का निर्देश देने की मांग की गई है।

बता दें दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से क्राइम का ग्राफ काफी बढ़ गया है। इस पर हाल में ही दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्‍ली पुलिस पर भी सवाल उठाए थे। नई दिल्ली में बीते कुछ समय से अलग-अलग क्षेत्रों में मर्डर की कई वारदातें हो चुकी हैं। पिछली वारदातें  दिल्ली की महरौली इलाके में एक शख्स ने अपनी पत्नी की बीमारी से तंग आकर अपने बच्चों को रात को सोते समय ही मौत कि घाट उतार दिया था। एक और घटना वसंत विहार की है। एक अपार्टमेंट में बुजुर्ग पति-पत्नी और नौकरानी की गला रेत कर हत्या कर देने कि घटना सामने आई थी। वहीं एक घटना मोहन गार्डन थाना क्षेत्र कि है दृष्टिबाधित शिक्षक और पत्नी की बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। वहीं एक और छात्र के मर्डर की घटना ने चौंका दिया था। यह हत्‍या शक के कारण हुई थी। पड़ोस में रहने वाले गुलाब यादव नाम के व्यक्ति ने छात्र कि हत्या कर दी थी। हालांकि सभी मामलों में पुलिस ने अपनी कई टीमें को खुलासा करने में लगाई हुई है। पुलिस को अभी इन सभी मामलों में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जो मर्डर के इन मामलों का खुलासा करने में एक अहम भूमिका निभाएंगे।

असग़र वजाहत की लघुकथा 'लिंचिग'

बूढ़ी औरत को जब यह बताया गया कि उसके पोते सलीम की 'लिंचिंग' हो गई है तो उसकी समझ में कुछ न आया। उसके काले, झुर्रियों पड़े चेहरे और धुंधली मटमैली आंखों में कोई भाव न आया। उसने फटी चादर से अपना सिर ढक लिया। उसके लिए 'लिंचिंग' शब्द नया था। पर उसे यह अंदाज़ा हो गया था कि यह अंग्रेज़ी का शब्द है। इससे पहले भी उसने अंग्रेज़ी के कुछ शब्द सुने थे जिन्हें वह जानती थी।  उसने अंग्रेज़ी का पहला शब्द 'पास' सुना था जब सलीम पहली क्लास में 'पास' हुआ था। वह जानती थी के 'पास' का क्या मतलब होता है।

दूसरा शब्द उसने 'जॉब' सुना था। वह समझ गई थी कि 'जॉब' का मतलब नौकरी लग जाना है।  तीसरा शब्द उसने 'सैलरी' सुना था। वह जानती थी 'सैलरी' का क्या मतलब होता है। यह शब्द सुनते ही उसकी नाक में तवे पर सिकती रोटी की सुगंध आ जाया करती थी। उसे अंदाज़ा था कि अंग्रेजी के शब्द अच्छे होते हैं और उसके पोते के बारे में यह कोई अच्छी खबर है।

बुढ़िया इत्मीनान भरे स्वर में बोली, "अल्लाह उनका भला करें...!" लड़के हैरत से उसे देखने लगे। सोचने लगे बुढ़िया को 'लिंचिंग' का मतलब बताया जाए या नहीं। उनके अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी की बुढ़िया को बताएं कि 'लिंचिंग' क्या होती है । बुढ़िया ने सोचा कि इतनी अच्छी खबर देने वाले लड़कों को दुआ तो ज़रूर देनी चाहिए , वह बोली, "बच्चो, अल्लाह करे तुम सबकी 'लिंचिंग' हो जाए.... ठहर जाओ मैं मुंह मीठा कराती हूं।"

पानी को तरसते हौजरानी जहांपनाह के लौग

mtmediadelhi.blogspot.com : साउथ दिल्ली के मालवीय नगर विधानसभा के हौजरानी जहांपनाह में पिछले कई दिनों से सेानिया विहार की सप्लाई न के बराबर हो रही है इलाके में भयंकर जल संकट बन गया, केजरीवाल सरकार की मुफत पानी के चक्कर में पानी नहीं मिल रहा, एक टाइम की पानी की सप्लाई से पानी की जरूरत पूरी नहीं हो रही, विधायक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार से कहना चाहता हु कि आप भले ही पानी फ्री मत दो मगर समय पर फल सप्लाई तो दो, क्योकि पानी के चक्कर में कई काम पेडिंग रह जाते हैं। लौग पानी खरीदने को मजबूर हैं। लौग सुबह 4 बजे से उठ कर पानी की मोटर चलाते हे मगर सिर्फ कुछ समय के लिए ही पानी आता है, 

इस बारे में क्षेत्रीय विधायक आप पार्टी सोमनाथ भारती से कई बार षिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही जबकि खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष है वह चाहे तो समस्या का एक दिन में ही समाधान हो जाए मगर विधायक भी हमारी इस समस्या को बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे।   

गीत- धरती माता

बिन मांगे सब कुछ दे डाला ,कोई विश्लेषण नहीं किया !
माता तुमने सब दान दिया , कोई सर्वेक्षण नहीं किया ! !

तुम खुशियों का भंडार गृह , तुम ऋण को धन करने वाली ,
नभ की ऊर्जा को शोधित कर , तुम संवर्धन करने वाली ,
संज्ञा संज्ञा ही रहने दी ,कभी कर्म विशेषण नहीं किया !
बिन मांगे सब कुछ दे डाला ,कोई विश्लेषण नहीं किया !!

दुर्दांत कुमति को बुद्धि दी ,मानस को ज्ञान दिया तुमने ,
इस निराकार चंचल मन को ,साकार निदान दिया तुमने ,
प्राणो को मुक्त मार्ग सौंपा ,अपना अनुमेषण नहीं किया !
बिन मांगे सब कुछ दे डाला ,कोई विश्लेषण नहीं किया !!

लालच से पोषित आदम ने ,देही का दोहन कर डाला ,
सब रत्न निकाले सीने से ,छाती को भेदन कर डाला ,
अपने भावुक संवेदन को ,तुमने सम्प्रेषण नहीं किया !
बिन मांगे सब कुछ दे डाला ,कोई विश्लेषण नहीं किया !!

ना कोई शर्त रखी माता ,ना ही कोई अनुबंध किया ,
आंतों की अनल बुझाने का ,तुमने सबका प्रबंध किया ,
हलधर" को अन्न दिया तुमने ,कोई अंकेक्षण नहीं किया !
बिन मांगे सब कुछ दे डाला , कोई विश्लेषण नहीं किया !!

लेखक: जसवीर सिंह हलधर
देहरादून उत्तराखंड

ग़ज़ल: माधुरी मिश्रा, वाराणसी

आंख में अपनी तुम कुछ तो शरम रहने दो।
तुम भी इंसान हो इसका तो भरम   रहने दो।।

तोड़ दो दुनिया की तुम चाहो अगर रस्मो रिवाज।
अपनी तहज़ीब का तुम कुछ तो वहम रहने दो।।

डर नहीं है अगर जो तुमको खुदा माफ करे।
अपनी अच्छाइ का खुद पे भी करम रहने दो।।

भर न जाए घड़ा ये पाप का जो तुमने किया।
और ज्यादा न करो तुम ये सितम रहने दो।।

होश क्यों खोते हो तुम होके गरम इतना भी।
अपनी तबियत को भी तुम और नरम रहने दो।।

गजल : नजाकत अमरोही, संगम विहार नई दिल्ली

मैं ढूंडता हूँ उसको मगर मिल नहीं रहा
पहलू मैं मेरे सब है मगर दिल नहीं रहा

मुरझा गया है आपके जाने से जो सनम
ग़ुनचा हमारे दिल का वोही खिल नहीं रहा 

चलकर ज़मीं से चाँद भी हम छूके  आ गऐ
कोई भी काम आज कल मुश्किल नहीं रहा

वो हादसे भी मुझ ही से मनसूब हो गऐ
जिन हादसो में मैं कभी शामिल नहीं रहा

मैं  याद ना करूं उसे ये ओर बात है
रज़ज़ाक़ मुझसे आज तक ग़ाफिल नहीं रहा

देखा हैआसमाँ पे बड़ी देर तक उसे
तारा मेरे नसीब का पर मिल नहीं रहा !

गजल : आर के रस्तोगी,  गुडगाँव हरियाणा

डूबने लगती है जब किश्ती,चूहे भी छोड़ जाते है |
आता है जब बुरा वक्त,अपने भी मुंह मोड़ जाते है ||

समझते थे जिनको अपना,वे भी साथ छोड़ जाते है |
मरने पर रिश्तेदार भी,अकेला मरघट छोड़ जाते है ||

परख होती है दोस्त और बीबी की जब बुरा वक्त आता है |
पता लग जायेगा तुमको,जब वे तुम्हारा साथ छोड़ जाते है ||

जिन्दगी के लम्बी दौड़ में,कब कौन किसका साथ देता है |
मालूम हो जायेगा तुमको,जब वे तुम्हारे साथ दौड़ जाते है ||

सजा लो जिन्दगी का चमन तुम,बेहतरीन ख्श्बूदार फूलो से |
कुछ लोग ऐसे आयेगे,जो फूल ही नहीं गमले भी तोड़ जाते है ||

रस्तोगी की फूटी है किश्मत,उसे और क्या ज्यादा फोडोगे |
मै तो उसको भी पनाह दूंगा,जो मेरी किश्मत फोड़ जाते है|| 

हौजरानी प्रेस एन्क्लेव में बन सकता है फ्लाईओवर: 50 हजार से ज्यादा लोगों को जाम से मिलेगा छुटकारा

दिल्ली वालों को बड़ी राहत मिलने वाली है। साकेत मैक्स अस्पताल के बाहर पंडित त्रिलोक चंद शर्मा मार्ग पर लगने वाले जाम से जल्द मुक्ति मिलेगी। प...